Tuesday, August 12, 2014

1st para Translation

 तकनीकी  सह-उपक्रमों के संदर्भ में, विदेशी एव भारतीय भागीदारों की कर-देयता के आकलन हेतु ,बोर्ड के समक्ष यह  तथ्य पस्तुत किया गया   है कि विभिन्न आयकर अधिकारीयों द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार के अनुबंध -पत्र  ,नियमावलियां एव कड़े दिशा-निर्देश रखे जाते  हैं, फलस्वरूप ,विदेशी भागीदारों के मस्तिष्क  में यही अनिश्चिता  सी बनी रहती है कि स्वयं उनके द्वारा की गई या अनुबन्ध के अधीन हुई आय     में अपने करों का आकलन एवं निर्धारण कैसे करें।इसीलिए ही  ,तकनीकी   सह-उपक्रमों  की  इसी अनिश्चित्ता का पुनरावलोकन करने के लिए बोर्ड के समक्ष यह सुझाव  रखा गया है कि  वह आकलन-अधिकारीयों को ऐसे दिशा निर्देश ज़ारी  करे कि कर-प्रतिपादन की क्रिया-पदति  में एक - समानता एवं   निश्चितता का वातावरण बनाया जा सके । 

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